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ये मेरा रोना कि तेरी हँसी / वली दक्कनी

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ये मेरा रोना कि तेरी हँसी
आप बस नईं परबसी परबसी

है कुल आलम में करम मेरे उपर
जुज़ रसी है जुज़ रसी है जुज़ रसी

रात दिन जग में रफ़ीक-ए-बेकसाँ
बेकसी है बेकसी है बेकसी

सुस्‍त होना इश्‍क़ में तेरे सनम!
नाकसी है नाकसी है नाकसी

बाइस-ए-रुस्वाई-ए-आलम 'वली'
मुफ़लिसी है मुफ़लिसी है मुफ़लिसी