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ये सब तो ठीक है / निकोलस गियेन / गिरधर राठी

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सलीब-ज़दा दक्षिण के नीग्रो,
ये सब तो ठीक है, नीग्रो भाई !
कि रोते-रोते भी तुम गाने जाते हो,
अच्छे हैं तुम्हारे भजन,
झण्डे-पताकाएँ,
पैदल जुलूस और अभियोग
तुम्हारे वक़ीलों के ।
यह सब ठीक है ।

ठीक है कि तुम न्याय की खोज में
स्केटिंग करते हो,
(अरे, वह अनोखा स्केटर !
शिकागो की हवा वाशिंगटन में फूंँकता !)
भले हैं तुम्हारे विरोध-पत्र
दैनिक अख़बारों में
भली हैं कसी हुई मुट्ठियाँ
और लिंकन अपनी शबीह में ।
यह सब बहुत ठीक है ।

तुम्हारे ध्वस्त मन्दिरों के भीतर
भले हैं तुम्हारे प्रवचन-उपदेश,
उम्दा है ऐसी दिलेरी भी
कि सदा हो तुम गोरे लोगों के साथ,
क्योंकि कानून — कानून ? — कहता है —
सारे अमरीकी बराबर हैं ।
ठीक है ।
उम्दा है ।
बढ़िया है ।
सलीब-ज़दा दक्षिण के काले भाई ।
मगर भूलो मत जॉन ब्राउन को,
जो नीग्रो नहीं था मगर तुमको बचाया
लेकर तोड़ेदार बन्दूक[1] हाथ में

फ़्यूजिल — तोड़ेदार बन्दूक : हलका आग्नेय शस्त्र
(यही तो लिखा है कोश में)
जिससे दाग़ते हैं गोलियाँ सैनिक :
इसी में जोड़ें : फ़्यूजिल (अँग्रेज़ी में ’गन’)
एक हथियार जिससे
ग़ुलाम देते हैं जवाब ।

पर अगर ऐसा हो (होता ही है)
पर अगर ऐसा हो, भाई !
कि तुम्हारे पास न हो बन्दूक,
तो फिर, उस हाल में,
मैं कहूँ, पता नहीं,
कुछ भी खोज लो ...
कोई हथौड़ा, कोई लाठी,
कोई पत्थर ... कुछ ऐसा
जो चोट करे,
कुछ ऐसा सख़्त जो घाव करे,
घायल करे,
ख़ून बहा सके,
कुछ ऐसा ।

अँग्रेज़ी भाषा से अनुवाद : गिरधर राठी

शब्दार्थ
  1. फ़्यूजिल नाम का हलका आग्नेय अस्त्र