भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

रंग उड़ गया उस हल्के नीले दीवारी काग़ज़ का / इवान बूनिन

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: इवान बूनिन  » संग्रह: चमकदार आसमानी आभा
»  रंग उड़ गया उस हल्के नीले दीवारी काग़ज़ का

रंग उड़ गया उस हल्के नीले, दीवारी काग़ज़ का
झलक रही थी कभी वहाँ जो, उस सारी सजधज का
सिर्फ़ वहीं दिखाई देता है अब, थोड़ा-बहुत रंग नीला
जहाँ टँगा था कई वर्षों तक, पोस्टर एक भड़कीला

भूल चुका यह दिल अब, वह सब भूल चुका है
मन को था भाता जो भी, अब मिल धूल चुका है
सिर्फ़ बची यादें उनकी, जो जीवन छोड़ गए
चले गए वे उस दुनिया में, हमसे मुँह मोड़ गए

(31 जनवरी 1916)
मूल रूसी भाषा से अनुवाद : अनिल जनविजय