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लाग्या लाग्या, लाग्या नैण / राजस्थानी

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   ♦   रचनाकार: आशा पाण्डे ओझा

लाग्या लाग्या ,लाग्या नैण
कँईया लाग्या जी थाँहसू नैण
जाग्या-जाग्या दिन और रैण
कँईया लाग्या जी थाँहसू नैण
अजी किस विध लाग्या जी थांहसू नैण
काहै लाग्या जी थांहसू नैण
लाग्या लाग्या ,लाग्या नैण

अंतरा १
नित ड्योढी रा काग उडाऊं
दिवलो आलियां सांझ जगाऊं
ऊँची अटारी बैठ उडीकूं
बाटाँ थान्हारी दिन और रैण
लाग्या लाग्या ,लाग्या नैण
कंईया लाग्या जी थांहसू नैण

अंतरा २
नैणा सूँ नित बरसै सावण
रतन डसै रै बण बण नागण
जग सारौ भयो बैरी म्हासूं
कोई न लागे जी म्हणे सैण
लाग्या लाग्या ,लाग्या नैण
कँईया लाग्या जी थांहसू नैण

अंतरा ३
चाँद पूनम रो हँस हँस आँगन
मारे कटारी हिन्व्ड़े साजन
सखियाँ सहेलियाँ घिर घिर घेरे
मोहे ण भावे जी सखियन बैन
लाग्या लाग्या ,लाग्या नैण
कँईया लाग्या जी थांहसू नैण

अंतरा ४
हुक हिया री कँइयाँ देगिया
किस बिध लेगिया जी म्हारो चैन
काजल म्हारो पलकां छोड़ी
नींद म्हारी छोड़िया जी नैण
लाग्या लाग्या ,लाग्या नैण
कँईया लाग्या जी थांहसू नैण

अंतरा ५
मौरया रा आँसू दैख़त मेघा
घिर आवे रै बैगा -बैगा
म्हारो जी ढोलो खुद निरमोही
कोई बुलावे जी काँई कैण
लाग्या लाग्या ,लाग्या नैण
कँईया लाग्या जी थांहसू नैण

अंतरा ६
रतन हिंडोलो सूनो सूनो
सूनी है जी फूलाँ री सेज
कर सोलह सिंगार भँवर जी
गौरी बैठी जी चुन्दड पैण
लाग्या लाग्या ,लाग्या नैण
कँईया लाग्या जी थांहसू नैण

अंतरा ७
दूर देसां रा परदेसी पावण
भूल गया कांई थाँरी गजवण
परंण थाँहने छोड़िया मायर बाप
छोड़ियो पीवर ,भाई बैण
लाग्या लाग्या ,लाग्या नैण
कंईया लाग्या जी थांहसू नैण

स्थाई
लाग्या लाग्या ,लाग्या नैण
कँईया लाग्या जी थाँहसू नैण
जाग्या-जाग्या दिन और रैण
कँईया लाग्या जी थाँहसू नैण
अजी किस विध लाग्या जी थाँहसू नैण
काहै लाग्या जी था~महसू नैण
लाग्या लाग्या ,लाग्या नैण