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लिलॉक का पेड़ / आन्द्रेय वाज़्नेसेंस्की

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पेरिस की तरह है लिलॉक का पेड़,
जगर-मगर करती मधुमक्खियों-सी खिड़कियों से
हाथ में हिलाते हो तुम चाँदी की तरह चमचमाती
इमारतों का गुच्छा, भीगा और नम ।

गुनगुनाता, फूल-फूल पर डोलता
सुख और शोक में मौन
मधुमक्खी की तरह
मैं

बटोरता हूँ पेरिस
आँखों के कोष में