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लोकार्पण, सम्मान समारोह व काव्यार्पण महोत्सव - अक्टूबर 2018

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हिन्दी भाषा साहित्य परिषद् खगड़िया (बिहार) एवम् कविता कोश के संयुक्त तत्वावधान में माँ तारा भवन, विकास विद्यालय, डुमरी, बेगूसराय में लोकार्पण, सम्मान और कविसम्मेलन का सारस्वत अनुष्ठान रामदेव पंडित राजा की अध्यक्षता और राहुल शिवाय के संचालन में सम्पन्न हुआ।

स्वागताध्यक्ष राजकिशोर सिंह, निदेशक, विकास विद्यालय, बेगूसराय ने आदरणीय कस्तूरी झा कोकिल, अनिल पतंग, हरि नारायण सिंह हरि, मृदुल जी अवधेश्वर प्रसाद सिंह, अमिय कश्यप, प्रफुल्ल चन्द्र मिश्र, रंजन कुमार झा, शिव कुमार सुमन, कैलाश झा किंकर, रामदेव पंडित राजा, विभा माधवी, अवधेश कुमार आशुतोष, ज्ञानेन्द्र ज्ञान, राहुल शिवाय, मणि भूषण सिंह, स्मिताश्री, मनोज कुमार झा, दीनानाथ सुमित्र, दीपक कुमार आदि शब्दशिल्पियों का ह्रदय से स्वागत किया।

लोकार्पित कृतियों में सवा लाख की बाँसुरी-कवि दीनानाथ सुमित्र और कब तक-ग़ज़लकार ज्ञानेन्द्र मोहन 'ज्ञान' , कौशिकी-65-66, सम्पादक-कैलाश झा किंकर, मीत के गीत-संपादक द्वय चेतन दूबे अनिल एवम् रंजन कुमार झा, मन मंदिर कान्हा बसे कवि अवधेश कुमार आशुतोष आदि शामिल हैं। सभी कृतियों की सम्यक् समीक्षाएँ की गयीं।

युवा कवि राहुल शिवाय ने कविता को समर्पित युवाओं की स्थिति का नकारात्मक आकलन करने वाले लोगों को बेहद सकारात्मकत उत्तर प्रस्तुत करते हुए अपने जनक का आभार जताया। वहीं मणिभूषण सिंह ने पुस्तक समीक्षा के दौरान कवि और कविता के मध्य की अंतर्कथा के कुछ रोचक व उचित पहलुओं को उजागर किया। विभा माधवी जी, हरिनारायण सिंह हरि और अन्य समीक्षकों ने भी कृतियों के कई पहलुओं को छुआ।

उसके बाद कविसम्मेलन की शुरुआत कवयित्री रंजना सिंह बीहट के देशभक्ति गीत से हुई. कविता-पाठ करने वालों में अमरकान्त झा, अवधेश कुमार आशुतोष, संजीव कुमार शाहिद, विभा माधवी, मणि भूषण सिंह, मनीष कुमार झा, ज्ञानेन्द्र ज्ञान, प्रफुल्ल चन्द्र मिश्र, दीपक कुमार सिंह, महेश भारती, शिव कुमार सुमन, अवधेश्वर प्रसाद सिंह, मृदुल जी, राणा सिंह, हरि नारायण सिंह हरि, रंजन कुमार झा, दीनानाथ सुमित्र, कैलाश झा किंकर, रामदेव पंडित राजा, कस्तूरी झा कोकिल आदि प्रमुख थे। धन्यवाद ज्ञापन कस्तूरी झा कोकिल ने किया।