भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

लौ लगाती गीत गाती / नरेन्द्र शर्मा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

लौ लगाती गीत गाती,
दीप हूँ मैं, प्रीत बाती

नयनों की कामना,
प्राणों की भावना
पूजा की ज्योति बन कर,
चरणों में मुस्कुराती

आशा की पाँखुरी,
श्वासों की बाँसुरी,
थाली ह्र्दय की ले,
नित आरती सजाती

कुमकुम प्रसाद है,
प्रभु धन्यवाद है
हर घर में हर सुहागन,
मंगल रहे मनाती