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ल्यूसिंडा के लिए प्रेम गीत / बालकृष्ण काबरा 'एतेश' / लैंग्स्टन ह्यूज़

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प्रेम —
बैंजनी वृक्ष पर
पका फल।
चखो एक बार
इसके सम्मोहन का जादू
न छोड़ेगा तुम्हें कभी।

प्रेम —
सुदूर दक्षि‌णाकाश में
चमकता सितारा।
देखो बड़े ध्यान से
इसकी प्रदीप्त ज्वालाएँ
हमेशा देंगी कष्ट तुम्हारी आँखों को।

प्रेम —
वायवी आकाश में अडिग
उत्तुंग पर्वत।
यदि तुम
नहीं चढ़ोगे बहुत ऊपर
तो कभी न टूटेंगी तुम्हारी साँसें।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : बालकृष्ण काबरा ’एतेश’