भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

वह दूसरा / ओक्ताविओ पाज़ / उज्ज्वल भट्टाचार्य

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

उसने एक चेहरा खोजा ।
उसके पीछे
वह जीता रहा, मरा और फिर से जी उठा
बार-बार ।

आज उसका चेहरा
उस चेहरे की झुर्रियों को ढोता है ।

और
उसकी अपनी झुर्रियों का
कोई चेहरा नहीं है ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : उज्ज्वल भट्टाचार्य