भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

विदाई / रोज़ा आउसलेण्डर

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

तुम सोचते हो अपने
उदित होते हुए दिन को
तैरते हो कठिनाई से
घण्टों पानी में

रात
ध्यान रखती है तुम्हारा
रात-भर
नींद में चलती हुई साँसों में
तुम ध्यान नहीं देते
कि तुम विदा हो रहे हो II

मूल जर्मन भाषा से प्रतिभा उपाध्याय द्वारा अनूदित