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हँसी / हैरॉल्ड पिंटर

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ये झरती है और किकयाती है और रिसती है दिमाग़ में
ये झरती है और किकयाती है लाशों के दिमाग़ों में
और इस तरह यूँ सारे झूठ मज़े से हँसते-हँसते किए जाते हैं जमफ़राहम
जिन्हें सोख लेती है सिर कटी लाशों की हँसी बेदम
जिन्हें सोख लेते हैं हँसती लाशों के मुँह हर कदम
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