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वैष्‍णव जन / अंशु मालवीय

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|रचनाकार=अंशु मालवीय
|संग्रह=दक्खिन टोला / अंशु मालवीय
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वैष्णव जन
देखो क्षीरसागर की तलहटी में
नसरी की लाश सड़ रही है.
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