भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

Changes

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
बीजूका : एक अनुभूति / साँवर दइया का नाम बदलकर बीजूका : एक अनुभूति / सांवर दइया कर दिया गया है
{{KKGlobal}}{{KKRachna|रचनाकार= साँवर दइया |संग्रह=}}‎{{KKCatKavita‎}}<poemPoem>सिर नहीं
है सिर की जगह
औंधी रखी हंडिया
लाठी का टुकड़ा
हाथों की जगह पतले डंडे
 
वस्त्र नहीं है ख़ाकी
फिर भी
एक पत्ता भी चर ले कोई
तुम्हारे होते !
 
'''अनुवाद : नीरज दइया'''
 
</poem>
Delete, Mover, Reupload, Uploader
5,097
edits