भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

वे चार और चार बोतलें / नाज़िम हिक़मत / अनिल जनविजय

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

बिना कोनों वाली एक गोल मेज़
चार बोतलें और चार बोतलवाले
चार गिलास शराब के
लेबल है जिसपर — ’मेडोक’

गिलासों की दिखती नहीं तली
गिलासों की चमकने लगी तली
गिलासों की दिखती नहीं तली
चारों पी रहे हैं शराब

एक बोतल ख़ाली
         एक बोतलवाला थोड़ा-सा उठा
                 कल... कल... मैं लिखूँगा फ़ैसला
          उसके गले में डाल दूँगा फन्दा
                 मेरा शब्द — कानून है
                 लटकाया जाएगा उसे !

तीन बोतलें ख़ाली
तीन व्यक्तियों ने किटकिटाए दाँत
                 हमारे शब्द — कानून हैं
                  लटका दिया जाएगा उसे ...

एक गोल मेज़, बिना कोनों वाली
चार ख़ाली बोतलें, चार बोतल वाले
                 उजाड़ बरतन तबाह लोग

1930

रूसी से अनुवाद : अनिल जनविजय