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शीतल मैया वन्दौं / अंगिका

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

शीतल मैया वन्दौं मधुमालत मैया वन्दौं।2
मैया हे देहोॅ न आशीष
भगता जीऐ सौ वरीस।
धनसर मैया वन्दौ, मैया फूलसर वन्दौं।2
देवे देवे न वरदान-मैया हे भगता पावै ज्ञान।2
ब्रहमा वन्दौं, विष्णु वन्दौं, वन्दौं शिवमूरतिया।2
हरवे न हरवे प्रभु भगता के कुमतिया।2
कालि वन्दौं, सरस्वती वन्दौं, वन्दौ लक्ष्मी पारवतिया।2
देवे न देवे मैया भगता के सुमतिया।