भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

संगसारी / मुइसेर येनिया

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

बाहर रात है
भीतर अलगाव

यह आख़िरी दिन होना चाहिए
इस दुनिया का

- कि मैं उसके बारे में सोचती हूँ -

प्रेम का अन्त होता है

दिल
बचा रहता है उस स्त्री की तरह जिसे पत्थरों से मार दिया गया हो

यथार्थ के बीचों-बीच

मेरा दिल
सबसे बड़ा पत्थर है
जिसे ईश्वर ने उछाला है
मेरी तरफ ।