भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

सच बता… / सांवर दइया

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

कितना अच्छा था वह दिन
भेले ही अनजाने में लिखे थे
और अक्षर भी ढाई थे
लेकिन उनमें समाई दिखती थी
           पूरी दुनिया

और आज
कितना स-तर्क होकर
रच रहा हूं पोथे पर पोथे
झलकता तक नहीं जिनमें
मन का कोई कोना

सच बता यार !
ऐसे में क्या जरूरी है मेरा कवि होना ?