भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

सरकारी ‘गेस्ट’ / बालकृष्ण गर्ग

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

जंगल में बलवान शेर ने
किए बड़े घोटाले,
एक डायरी से ‘सी॰ बी॰ आई॰’
को मिले हवाले।
कहा शेर ने, जब ‘अरैस्ट’
होने की आई बारी –
‘रैस्ट’ करूँगा अब कुछ दिन मैं
 ‘गैस्ट’ बनूँ सरकारी’।
              [रचना: 9 अक्तूबर 1996]