भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

सरजण / सांवर दइया

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

आंधी
बिरखा
अर लू रा थपेड़ा झेल’र
ऊभो रूंख आ समझावै
    -बीज अर पाणी मिलतां ई
                     धूड़
              धरती बण जावै ।