भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

सरल है जन्म / गुन्नार एकिलोफ़

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

सरल है जन्म :
तुम होते हो तुम ।

सरल है मृत्यु :
तुम नहीं रह जाते हो तुम ।

या यह कि इसकी उल्टी तरह से
जैसे कि छायालोक में :
मृत्यु जन सकती है तुम्हें
या जीवन मार सकता है तुम्हें

-दोनों ही तरीके हैं एक सरीखे
और या कि हुआ ऎसा :

तुम उभरे मृत्यु से
और जीवन मेट रहा है तुम्हें

आहिस्ता-आहिस्ता ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : सुधीर सक्सेना