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सवाल / फ़राज़

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     सवाल
(‘फ़िराक़' की तस्वीर देखकर)

एक संग- तराश[1] जिसने बरसों
हीरों की तरह सनम[2] तराशे
आज अपने सनमकदे[3] में तन्हा[4]
मजबूर, निढाल,ज़ख़्म-ख़ुर्दा[5]
दिन रात पड़ा कराहता है

चेहरे पे उजाड़ ज़िन्दगी के
लम्हात[6] की अनगिनत ख़राशें[7]
आँखों के शिकस्ता[8] मरक़दों[9] में
रूठी हुई हसरतों की लाशें

साँसों की थकन बदन की ठंडक
अहसास से कब तलक लहू ले
हाथों में कहाँ सकत [10] कि बढ़कर
ख़ुद-साख़्ता[11] पैकरों [12] को छू ले


ये ज़ख़्मे-तलब[13], ये नामुरादी[14]
हर बुत के लबों[15] पे है तबस्सुम[16]
ऐ तेशा-ब-दस्त[17] देवताओ!
तख़्लीक़[18] अज़ीम[19] है कि ख़ालिक़[20]
इन्सान जवाब चाहता है

शब्दार्थ
  1. मूर्तिकार
  2. प्रतिमाएँ
  3. मंदिर
  4. अकेला
  5. घायल
  6. क्षणों
  7. रगड़ें
  8. टूटे-फूटे
  9. समाधियों
  10. ताक़त
  11. स्वयं द्वारा निर्मित
  12. आकृतियों
  13. माँग के घाव
  14. दुर्भाग्य
  15. होंठों
  16. मुस्कान
  17. हाथ में कुदाली लिए हुए
  18. सृजन
  19. महान
  20. सृजक