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सांसां माथै भारो देखो / सांवर दइया

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सांसां माथै भारो देखो
हाथ हाथ सूं न्यारो देखो

आज नईं तो काल पजैला
बै नाखै नित चारो देखो

पीड़ चाती हुई रूं-रूं में
छोड़ै कोनी लारो देखो

छीयां नै छोड जावै डील
एक नुंवो नजारो देखो

उडती चिड़ी रा पंख टूट्‌या
मनसूबा रो गारो देखो