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सागर इतना गहरा है / एल्सा ग्रावे

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सागर इतना गहरा है
पर्याप्त गहरा कि उससे सब कर सकते हैं प्यार,
वे सभी जो करते हैं प्यार डूबते सूरज से,
ओझल होती हुई नाव से
और उस स्वप्न से जो डूब गया
गहरे दिन के प्रकाश में

सागर इतना बड़ा है
पर्याप्त बड़ा कि उससे सब कर सकते हैं प्यार,
वे सभी जो करते हैं प्यार दूरस्थ, अजनबी सागर से
एक गरजते तूफ़ान से
और उस श्वेत पंछी से जो उड़ गया था
मगर वापस लौटा रक्ताभ पंखों के साथ,

सागर इतना बड़ा है
इतना बड़ा
कि दो लोग जो प्यार करते हों
एक ही सागर से
भूल सकते हैं एक दूसरे को.

(मूल स्वीडिश से अनुवाद : अनुपमा पाठक)