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सितारों से आगे जहाँ और भी हैं / इक़बाल

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सितारों के आगे जहाँ और भी हैं
अभी इश्क़[1] के इम्तिहाँ[2] और भी हैं

तही ज़िन्दगी से नहीं ये फ़ज़ायें
यहाँ सैकड़ों कारवाँ और भी हैं

क़ना'अत[3]न कर आलम-ए-रंग-ओ-बू[4]पर
चमन और भी, आशियाँ[5]और भी हैं

अगर खो गया एक नशेमन तो क्या ग़म
मक़ामात-ए-आह-ओ-फ़ुग़ाँ[6]और भी हैं

तू शाहीं[7]है परवाज़[8]है काम तेरा
तेरे सामने आसमाँ और भी हैं

इसी रोज़-ओ-शब [9]में उलझ कर न रह जा
के तेरे ज़मीन-ओ-मकाँ [10]और भी हैं

गए दिन के तन्हा था मैं अंजुमन [11]में
यहाँ अब मेरे राज़दाँ [12]और भी हैं

शब्दार्थ
  1. प्रेम
  2. परीक्षाएँ
  3. संतोष
  4. इन्द्रीय संसार
  5. घरौंदे
  6. रोने-धोने की जगहें
  7. गरुड़ , उक़ाब
  8. उड़ान भरना
  9. सुबह -शाम के चक्कर
  10. धरती और मकान
  11. महफ़िल
  12. रहस्य जानने वाले