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सिर्फ़ वह जिसने पिलाया है अपनी छाती का दूध / वेरा पावलोवा

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सिर्फ़ वह जिसने पिलाया है
अपनी छाती का दूध
जान पाती है कितने सुन्दर हैं कान

सिर्फ़ वह जिसने पिया है
छाती का दूध
जान पाता है हँसली की सुन्दरता

बनाने वाले ने सिर्फ़ इंसानों को
नवाज़ा है कलेजे की लौ से
हँसली की वजह से

थोड़े चिड़ियों से लगने वाले इनसान
थपकियों में गुँथ कर
रात में उड़ जाते हैं उस जगह, जहाँ
सबसे शानदार पालने पर झूलते हुए
रो रहा होता है बच्चा,

जहाँ हवा के तकिए पर
खिलौने की तरह लेटे होते हैं सितारे
और उसमें से कुछ बोलते भी हैं।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : मनोज पटेल