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सीढ़ी / हरीश करमचंदाणी

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बच्चा
घुटनों के बल चलता
चढ़ गया सीढियाँ
घबराई माँ की चीख से चौंक
बच्चा पीछे मुडा और लुढ़क गया
माँ नहीं डरती
तो बच्चा पार कर जाता सारी सीढीयाँ
उसने सोचा और उदास हो गयी