भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

सीरवाळ / सांवर दइया

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

एक सांस खातर
अलेखूं सासां तैयार
आपरो सो कीं लुटावण नै
पण
बां अलेखूं सांसां रै
दुख-दरद री सीरवाळ
एक ई सांस नीं !