भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

सुपनां रा दीठाव / सांवर दइया

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

पैली तो म्हनै
सुपनां में दिखता
पहाड़
    नदी
  झरणा
             तळाव
पाक्योड़ा अनार
अर हरिया-भरिया बाग
पण आं दिनां
जद भी सुपनां आवै
दीखै- सोगरा
अर फोफळियां रो साग !