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सूरज नै पजावण रो ढंग देखो / सांवर दइया

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सूरज नै पजावण रो ढंग देखो
रात सूती नागी तड़ंग देखो

पैली तो ओलै-छानै लड़ता म्हे
अब सड़का माथै हुवै जंग देखो

डुसकां सागै आया आंसू बारै
मन-दुख री बात चढगी चंग देखो

घराळा छोड मुलक ढूकै आंगणै
दिल कित्तो दरिया कित्तो तंग देखो

आंधी नित निंदरावै खेतड़ला
पण ऊगै औ बीज दबंग देखो