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सैन्य अभियानकर्ता / अहमेद फ़ौआद नेग़्म / राजेश चन्द्र

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‘ख़वागा‘[1] निकल चुका है आखेट पर
लूटने के लिए
अपने आसामियों को

दिन के उजाले में
वह उछाल देता है (पूरब में)
एक डॉलर
और बटोर लेता है पूरे 30 करोड़

बोतलों, वेश्याओं,
च्युइंग गम, टाफ़ियों,
बन्दूकों, गोलियों
और काउब्वॉय फ़िल्मों को बेच कर ।

वह तेल गटकता है और
उल्टी करता जाता है
विकृतियों के तमाम रंग-रूपों की ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : राजेश चन्द्र

शब्दार्थ
  1. सैन्य अभियानकर्ता, आर्थिक शोषक