भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

स्वतः स्फूर्त / सू शि

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: सू शि  » स्वतः स्फूर्त

पूर्वी ढलान पर
एक अकेला बूढ़ा
सफ़ेद केश
झूलते हवा में

मेरा बेटा
प्रसन्न
मेरा सुर्ख़ चेहरा देख कर

मुस्कराता हूँ मैं
यह तो है
मदिरा का असर

मूल चीनी भाषा से अनुवाद : त्रिनेत्र जोशी