भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

हवा तुम थे / ऊलाव हाउगे

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: ऊलाव हाउगे  » हवा तुम थे

मैं कश्ती हूँ
बग़ैर हवा के
हवा तुम थे

क्या यह वही दिशा थी
जो मुझे लेनी थी?

ऐसी हवा हो
तो दिशा की किसे परवाह!


अंग्रेज़ी से अनुवाद : रुस्तम सिंह