भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

हाथी दादा / गिरीश पंकज

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हाथी दादा रोज़ नहाते,
पानी साबुन नहीं बचाते ।

चिड़िया रहती है परेशान,
रह जाता उसका स्नान ।।