भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

हिमपात में स्वप्न / नील्स फर्लिन

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

उन्होंने कहा है कि फूल खिलेंगे
--- अँधेरे में और बर्फ़ में
जितनी भी रौशनी देखी हमने स्वप्न में
सब होगी फल में परिवर्तित और होगी स्पंदित बीज में.
उन्होंने कहा है कि फूल खिलेंगे
जैसे कि खिलते हैं सनौबर और नींबू के पेड़ों के इर्द गिर्द.
लेकिन उनके हाथ खाली हैं
और उनकी आँखें अंधीं.

(मूल स्वीडिश से अनुवाद : अनुपमा पाठक)