भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

हृदय और मस्तिष्क / एल्सा ग्रावे

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हृदय और मस्तिष्क
वे इतने करीब रहते हैं संग,
सामान्य तौर पर एक ही किराये के मकान में.
कभी कभी घरों में
जहाँ हो उद्यान
और ग्रीष्म गृह एवं हरित गृह
और कलात्मक जालीयुक्त फाटक.
वे इतने करीब रहते हैं संग,
निकटतम पड़ोसी हैं वे.
लेकिन ऊँचा है उनके बीच का फाटक
और झाड़ियाँ है बिन कटी हुईं
और कांटेदार -
और पड़ोसियों में नहीं है कोई मेल-जोल,
उनका एक दूसरे के साथ तो बिलकुल नहीं.
कभी कभी - पतझड़ में
हृदय के उद्यान से गिरते हैं पत्ते
मस्तिष्क की सोच में.

कई लाली लिए हुए पत्ते
और सुनहरे
गिरते हैं और फंस जाते हैं नागफनी की झाड़ियों में.
जब आता है तूफ़ान
तब उठा ली जाती है पड़ोसी के घर की छत!


(मूल स्वीडिश से अनुवाद : अनुपमा पाठक)