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हे आज्या बहु तनै तारण आई वार क्यूं करै सै उतरया तलै / मेहर सिंह

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वार्ता- जब पवन अंजना को ब्याह कै घर ले आया तो अंजना की सासु पड़ोसिनों को लेकर अंजना को डोले से उतारती है तो क्या कहती है-

हे आज्या बहु तनै तारण आई वार क्यूं करै सै उतरया तलै।टेक

हे शुभ कर्मां तै ये दिन आवै, बेटा बेटी ब्याहे जावै
हे देखणा चाहवै म्हारे ठोले की लुगाई।
तावली सी आज्या पहलम ला ल्यूं गलै

हे इस दिन की बाट घनेरी, तूं हे बहु तूं हे बेटी मेरी
ये बड़ी बडेरी तनै दै सैं बंधाई
दूधां न्हावै और पूतां फलै।

है सब कुछ तेरा घर बार जो सै, मेरा तै एक तेरे ए मैं मोह सै
हे इतने मैं हो सै बात पराई
इतनै रह धी बेटी बाप कै पल्लै।

हे ब्याह शादी की ना बात जरा सी, मेहर सिंह की रहिए दासी
मेरी गुडीया सी बणी रहो तरी रोशनाई
राम करै सदा घी का बलै।