भारतीय साहित्य के विशालतम ऑनलाइन संग्रहालय से कुछ आंकड़े (...और गिनती जारी है!)
कविता कोश: 57000+ कुल पन्नें; 2,000+ रचनाकार; 25,000+ कविताएँ; 10,000+ ग़ज़लें; 3,000+ गीत/नवगीत; 1,500+ नज़्में | 125,000+ आगंतुक/माह; 20,000,00+ रचना-पठन/माह
गद्य कोश: 7,000+ कुल पन्नें; 500+ रचनाकार; 1,500+ कहानियाँ; 600+ लघुकथाएँ; 100+ उपन्यास; 600+ आलेख; 300+ निबंध; | 20,000+ आगंतुक/माह; 1,000,00+ रचना-पठन/माह
© कॉपीराइट     योगदानकर्ता     कविता कोश टीम

आदिम डर / शकुन्त माथुर

Kavita Kosh से
यहां जाएं: भ्रमण, खोज

मेरे हाथ मॆं क़िताब है
और मैं लेट जाती हूँ
पसीने से तर
हर अच्छी चीज़ एक लड़की है
हर लड़की को एक रूमाल के रूप में
मैं पाती हूँ

रूमाल एक क़िताब है
जो किसी भी समय किसी के पास
जा सकती है
मैं क़िताब पढ़ती हूँ

हर वाक्य उसका डाल की तरह
हिल रहा है
ऐर हर शब्द एक सस्ते उपन्यास की तरह
खिंच रहा है
सफ़ेद अंडे-सी
दाँतों में दबी लड़की-
और मैं लेट जाती हूँ
पसीने से तर
आदिम डर !

वैयक्तिक औज़ार
» रचनाकारों की सूची

गद्य कोश

» विभाग

» अन्य भाषाओं से

» महत्त्वपूर्ण संदेश
  • फ़िलहाल नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। कृपया अपनी रचनाएँ कोश में जोड़ने के लिए अभी आवेदन न करें। आगे की सूचना इसी जगह प्रकाशित की जाएगी।
  • कविता कोश से संबंधित हर जानकारी पाने के लिए पढ़ें: कविता कोश: हिन्दी काव्य में जुड़ता एक नया आयाम

» प्रादेशिक कविता कोश

» अन्य महत्त्वपूर्ण पन्नें

» अन्य पन्नें