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इंस्पेक्टर जी भागे / बालकृष्ण गर्ग

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नया-नया जब बना फूड-इंस्पेक्टर बुद्धू बंदर,
कहा रीछ- ‘माल चखाओ, जो दुकान के अंदर!’
तुरंत रीछ ने अदरक लाकर पेश कर दिया आगे,
अदरक चखते ही ‘थू-थू’ कर इंस्पेक्टर जी भागे।
[रचना: 22 दिसंबर 1995]