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"उम्र भर हम रहे शराबी से / मीर तक़ी 'मीर'" के अवतरणों में अंतर

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17:40, 25 दिसम्बर 2019 के समय का अवतरण

उम्र भर हम रहे शराबी से
दिल-ए-पुर्खूं की इक गुलाबी से

खिलना कम-कम कली ने सीखा है
उसकी आँखों की नीम ख़्वाबी से

काम थे इश्क़ में बहुत ऐ मीर
हम ही फ़ारिग़ हुए शताबी से