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"गुजराती लोकगीत" के अवतरणों में अंतर

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{{KKGlobal}}
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{{वान्ना वगडा न वायरा वायरे,
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कन्ने घूमरियो  घुम तो गायरे,
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रासे रमे, रासे रमे,
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गोप गोपियों नी संग,
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जामयो वृन्दावन ने मार गड़े  रंग,
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वान्ना वगडा न वायरा वायरे,
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कन्ने घुमरिया घूम तो गायरे.
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घेरी घेरी, घेरी घेरी,
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एनी वागे मुरलियो,
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गौरी गौरी राधा ने,
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सुंदर श्यामडियो,
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वान्ना वगडा न वायरा वायरे,
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कन्ने घुमरिया घूम तो गायरे.
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KKLokGeetBhaashaSoochi}}
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  [[पंखिडा रे उड़ी जाजे पावागढ़ रे / गुजराती लोक गरबा  ]]
 
  [[पंखिडा रे उड़ी जाजे पावागढ़ रे / गुजराती लोक गरबा  ]]

14:33, 16 फ़रवरी 2010 का अवतरण


पंखिडा रे उड़ी जाजे पावागढ़ रे / गुजराती लोक गरबा  
   ♦   रचनाकार: अज्ञात

झूलन मोरली वागी रे राजा ना कुंवर /गुजराती लोक गरबा