भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

जाने कब / अनीता अग्रवाल

Kavita Kosh से
Shmishra (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 12:55, 9 नवम्बर 2011 का अवतरण ('{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=अनीता अग्रवाल |संग्रह= }} <poem> जाने कब ...' के साथ नया पन्ना बनाया)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

जाने कब इतने बड़े-बड़े पंख निकल आए
चिड़िया के
उनके उड़ने की आहत न हुई
और शहर में सन्नाटा पसर गया।