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ज्वार / रित्सुको कवाबाता

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मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: रित्सुको कवाबाता  » ज्वार

ज्वार पुरे जोर पर है अब ,
विचार उफनते हैं ,
गहनता से मस्तिष्क में .
बन जाते हैं लहर प्रचंड .
शब्द उमड़ते हैं
ज्वार पूरे जोर पर है अब
यही समय है सही !

अनुवादक: मंजुला सक्सेना