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दिन गुलाब होने दो / ओमप्रकाश सारस्वत

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दिन गुलाब होने दो
Din gulaab hone do.jpg
रचनाकार ओम प्रकाश सारस्वत
प्रकाशक निर्मल पब्लिकेशंस,

ए-139, गली नं 3, कबीर नगर, शहादरा दिल्ली-110094

वर्ष 2004
भाषा हिन्दी
विषय गीत
विधा
पृष्ठ 103
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विविध
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दिन

तरुवर

गुलों में गरल

बाँध सके जो

परिवेश