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धन्य वीर चर्चिल चलाकी की कीनी हद्द / नाथ कवि

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धन्य वीर चर्चिल चलाकी की कीनी हद्द।
धन्य रूजवेल्ट कीर्ति अमर जग छाई है॥
धन्य स्टालिन जिन हारत ते जीते नाजी।
साम्यवाद कल्प-वृक्ष दीनों लगाई है॥
धन्य चांगकाई निज देश कौं बचाय लीनौं।
क्रूर जापानिन कों दीनों हराई है॥
हठकर हिटलर हठीलौ हाय हार गयौं।
मित्रननें विजय पताका फहराई है॥