भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

नया समाचार / कुमार सुरेश

Kavita Kosh से
अनिल जनविजय (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 01:12, 7 दिसम्बर 2009 का अवतरण

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

बच्चा नन्हें हाथों से छूता है
सम्भावनाओं को
चारों ओर उम्मीद
फैल जाती है

बच्चा नन्हें होठों से पहली बार
कहता है
एक शब्द ‘माँ’

चारों ओर
माधुर्य बिखर जाता है

बच्चा संकोच से दबे स्वर में
कह देता है
पिता तुम कितने अच्छे हो
पिता को उत्साह छू लेता है

बच्चा अज्ञात और हमारे बीच
बन जाता है एक पुल
हम अमर होने लगते हैं

एक बच्चे के आगमन से अच्छा
कोई नया समाचार
आज तक नहीं सुना गया
इस पृथ्वी पर।