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नित-नेम / हरीश भादानी

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थारो-म्हारो नित-नेम
आ, भळै बाथेड़ा करां!
खायली आंधी
पीयली लूआं
पूंछलै मूंढै लाग्यौड़ी झूठ
रगड़ हथाळयां
झाड़लै चैरै चेंटीज्यां
काळा-पीळा लेवड़ा
थारो-म्हारा नित-नेम
आ, भळै बाथेड़ा करां !

बीज्यौड़ी बाजरी
मतीरा, मोठां नै
लांपो देग्यौ काळ
आ, लूरलाँ
जाळ क’ खजेड़ी रोडील
छाल नै कूट पोयलां टिक्कड़
सियोजलां सिणियो
बांधो, बंधै जियाई बांधां पेट रै पाटी
थारो-म्हारो नित-नेम
आ, भळै बाथेड़ा करां !
आव चालां
राज रै सिरे-थांन
वर्ण तमोळा मेड़यां
अकासी माळिया बणै
आंपां अडाण बणा
माथै ईटां चूनै रो भारौ
नीचै चींथीजी जूंण ढोवां
थारो-म्हारो नित-नेम
आ,भळै बाथेड़ा करां !
थारै-म्हारै
दुखां सूं दूबळा दाता
पगोथिया सांटता चढ़ै रांस
रांस सूं बांचै
थारै-म्हारै खातर
बिधि-विधान
नांख
बातां रै ठंडे भोभर माथै
नांखदै धोेबा- धोबा धूड़
थारो- म्हारो नित-नेम
आ, भ्ळै बाथेड़ा करां!