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"पुण्य प्रसू / सुमित्रानंदन पंत" के अवतरणों में अंतर

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('ताक रहे हो गगन ? मृत्यु - नीलिमा - गहन गगन ? अनिमेष, अचि...' के साथ नया पृष्ठ बनाया)
 
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ताक रहे हो गगन ?
 
मृत्यु - नीलिमा - गहन गगन ?
 
अनिमेष, अचितवन, काल-नयन ?
 
नि:स्पंद, शून्य, निर्जन, नि:स्वन ?
 
  
देखो भू को ! जीव प्रसू को !
 
हरित भरित पल्लवित मर्मरित
 
कूजित गुंजित कुसुमित भू को !
 
 
कोमल चंचल शाद्वल अंचल,
 
कल-कल छल-छल चल-जल-निर्मल,
 
कुसुम खचित मारुत सुरभित
 
खग कुल कूजित प्रिय पशु मुखरित
 
जिस पर अंकित सुर-मुनि-वंदित
 
मानव पद तल !
 
 
देखो भू को
 
स्वर्गिम भू को,
 
मानव पुण्य-प्रसू को !
 

00:09, 16 जनवरी 2020 का अवतरण