भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

पृथ्वी / हरीश करमचंदाणी

Kavita Kosh से
Neeraj Daiya (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 05:15, 25 मई 2011 का अवतरण (नया पृष्ठ: <poem>उसने बताया वह तो बस माँ हैं किसी वाद ,दर्शन या राजनीति से उसका कु…)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

उसने बताया
वह तो बस माँ हैं
किसी वाद ,दर्शन या राजनीति से
उसका कुछ वास्ता नहीं
पर चश्मदीद गवाहों ने देखा था
वह सबको बराबर बराबर बाँट रही थी