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प्रतिफल / हरीश करमचंदाणी

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बच्चे की हंसी में
आप पा सकते हैं
फिर से वह सब कुछ
जो छीना रौंदा जा चुका हो आपका
आपको तो बस बचानी है बच्चे की हंसी