मैने नहीं की पूजा उस परमपिता की न ही किया सुमिरन किंतु जब तुमने अपने भगवान से मांग लिया मुझे मैं आठों पहर का पुजारी हो गया। मूल राजस्थानी से अनुवाद- मदन गोपाल लढ़ा